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उज्जैन:थकने लगा चरक का स्टॉफ, कैसे करें मरीजों का उपचार…?
1 डॉक्टर लेते हैं राउण्ड, मरीज 130
उज्जैन। चरक भवन को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। यहां पर करीब 130 पलंग लगे हैं,जिनमें से 65 ऑक्सीजन पाइंट वाले हैं और शेष में से कुछ पर ऑक्सीजन सिलेण्डर लगाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है।
यहां केवल उन्ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, जिनका ऑक्सीजन का सेचुरेशन 90 से उपर है। बावजूद इसके अनेक बार मरीज की तबियत बिगड़ जाती है और यहां पर मौत भी हो ही जाती है। इन सबके बीच स्टॉफ को केवल एक शिकायत है। स्टॉफ का कहना है कि जितने मरीज यहां पर उपचाररत है। उनके अनुपात में स्टॉफ ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। ऐसे में मरीजों की छोटी-छोटी अपेक्षाएं करना मुश्किल है। इस बारे में नोडल अधिकारी सुजानसिंह रावत को बता दिया गया है किंतु कोई हल नहीं निकल रहा है।
यह है स्टॉफ की शिकायत
130 मरीजों के वार्ड में एक डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टॉफ के 2 या 3 लोग ड्यूटी पर लगाए
गए हैं।
इतने मरीजों को तीन नर्सो को दवाई देना है,उनके पैपर्स पर एंट्री करना है तथा तापमान,बीपी,शुगर आदि की जांच लिखना है।
इतने मरीजों की मानीटरिंग करने के बाद रिपोर्ट देना है।
इतने मरीजों पर केवल एक डॉक्टर है,जिसे 130 मरीज देखने में 4 घण्टे से अधिक लगते हैं। ऐसे में वह यही तय नहीं कर पाता है क मरीज का चार्ट देखे,उसे देखे या जिसकी तबियत अचानक खराब हो गई है,उसे पलंग पर जाकर देखे?
इस संबंध में नोडल अधिकारी सुजानसिंह रावत से चर्चा करने की कोशिश की गई,उनका मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया आता रहा।